देखें Opinion poll: आने वाले 5 विधानसभा चुनाव में BJP कहाँ जीत रही है,और कहां सरकार बनाने से चूक जाएगी..

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अगले महीने, आगामी पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव 27 मार्च से शुरू होंगे। ये पांच राज्य पश्चिम बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और केंद्रशासित प्रदेश पुडुचेरी हैं। बंगाल में आठ चरणों और असम में तीन चरणों में चुनाव होंगे। केरल, तमिलनाडु और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में 6 अप्रैल को एक ही चरण में मतदान होगा। ऐसे में सी-वोटरों के साथ एबीपी न्यूज़ ने ये पता लगाने की कोशिश की है कि इन चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में मतदाताओं के दिलों में क्या है। आपको बता दें कि इन राज्यों के नतीजे 2 मई को आएंगे, लेकिन जनमत में जनमत क्या है? आप किसकी सरकार बनाना चाहते हैं? ऐसे सवालों के जवाब खोजने की कोशिश की गई है।

बंगाल का क्षेत्रीय जनमत सर्वेक्षण

ग्रेटर कोलकाता क्षेत्र का मिजाज क्या कहता है?

बंगाल के ग्रेटर कोलकाता क्षेत्र की बात करें तो इसमें कुल 35 सीटें हैं। एबीपी न्यूज सी के मतदाताओं के एक जनमत सर्वेक्षण के अनुसार, ग्रेटर कोलकाता क्षेत्र में टीएमसी पूरी तरह से हावी है। सीटों के संदर्भ में, 26-30 सीटें ग्रेटर कोलकाता में टीएमसी के खाते में जा सकती हैं। वहीं, बीजेपी इस क्षेत्र में सिर्फ 2-6 सीटों पर सिमटती नजर आ रही है। कांग्रेस + वामपंथी गठबंधन को भी इस क्षेत्र में 2-4 मिल सकते हैं।

उत्तर बंगाल क्षेत्र का मिजाज क्या कहता है?

ग्रेटर कोलकाता के बाद, यह उत्तर बंगाल की बारी है, सीटों की संख्या के अनुसार यह तीसरा प्रमुख क्षेत्र है। उत्तर बंगाल में कुल 56 विधानसभा सीटें हैं। एबीपी न्यूज सी वोटर के ओपिनियन पोल के मुताबिक, ममता बनर्जी को उत्तर बंगाल में झटका लगता दिख रहा है। यहां बीजेपी टीएमसी का खेल बिगाड़ सकती है। आंकड़ों की बात करें तो TMC के खाते में 14-18 सीटें जा सकती हैं। बीजेपी के उत्तर बंगाल क्षेत्र में खुश खबर है। उत्तर बंगाल में भाजपा को 212 सीटें मिल सकती हैं। वहीं, कांग्रेस-वाम गठबंधन इस क्षेत्र में तीसरे स्थान पर है। गठबंधन को 13-15 सीटें मिल सकती हैं।

दक्षिण पूर्व बंगाल क्षेत्र का मिजाज क्या कहता है?

बंगाल की दक्षिण पूर्व क्षेत्र में विधानसभा की कुल 84 सीटें हैं, जो इसे सीटों की संख्या के आधार पर दूसरा सबसे बड़ा क्षेत्र बनाती है। कोलकाता, हावड़ा, हुगली, नादिया, उत्तर 24 परगना और दक्षिण 24 परगना जिले दक्षिण पूर्व बंगाल में आते हैं। एबीपी न्यूज सी वोटर के ओपिनियन पोल के मुताबिक, टीएमसी बीजेपी इस इलाके पर भारी पड़ती दिख रही है। आंकड़ों की बात करें तो TMC के खाते में 43-47 सीटें जा सकती हैं। दूसरी तरफ, बीजेपी ममता बनर्जी को कड़ी टक्कर देती नजर आ रही है और उसे 24-28 सीटें मिल रही हैं। अन्य दो क्षेत्रों की तरह, कांग्रेस + वामपंथी भी दक्षिण पूर्व बंगाल में तीसरे स्थान पर आते हैं। गठबंधन को यहां 12-14 सीटें मिल सकती हैं।

दक्षिण पश्चिम बंगाल क्षेत्र का मिजाज क्या कहता है?

सीटों की संख्या के लिहाज से दक्षिण पश्चिम बंगाल बंगाल का सबसे बड़ा क्षेत्र है, यहाँ कुल 119 सीटें हैं। दक्षिण पश्चिम बंगाल क्षेत्र में टीएमसी और भाजपा के बीच जबरदस्त प्रतिस्पर्धा है। लेकिन ममता बनर्जी इस लड़ाई की देखरेख करती दिख रही हैं। एबीपी न्यूज सी वोटरों के ओपिनियन पोल के मुताबिक, टीएमसी को दक्षिण पश्चिम बंगाल में 65-69 सीटें मिल सकती हैं। वहीं, 45-49 सीटें बीजेपी के खाते में जा सकती हैं। सबसे बड़े क्षेत्र में कांग्रेस-वाम गठबंधन की हालत बहुत खराब दिख रही है। गठबंधन के खाते में केवल 4-6 सीटें दिखाई दे रही हैं।

बंगाल के लोगों की राय क्या कहती है?

क्षेत्र-वार आंकड़ों के बाद, अब पूरे बंगाल के जनमत सर्वेक्षण की राय जानने का समय आ गया है। एबीपी न्यूज-सीवीओटर ओपिनियन पोल के मुताबिक, बंगाल की कुल 294 सीटों पर वोट प्रतिशत की बात करें तो टीएमसी को 43% वोट मिल सकते हैं, बीजेपी को 38% वोट मिल सकते हैं। जबकि कांग्रेस-वाम गठबंधन को 13% वोट मिल सकते हैं। वहीं, 6% वोट दूसरों के खाते में डाले जा सकते हैं।

सीटों की बात करें तो ममता बनर्जी की अगुवाई वाली टीएमसी एक बार फिर बंगाल में वापसी करती दिख रही है। एबीपी न्यूज-सीवीओटर ओपिनियन पोल के मुताबिक, टीएमसी को 148-164 सीटें मिल सकती हैं। वहीं, 200 पार का नारा लगाने के बाद बीजेपी को सिर्फ 92-108 सीटों से ही संतोष करना पड़ सकता है। चुनावी राजनीति में लगातार घिरती जा रही कांग्रेस को लेफ्ट के साथ गठबंधन का कोई खास फायदा होता नहीं दिख रहा है। सर्वे के मुताबिक, 31-39 सीटें गठबंधन के खाते में जा सकती हैं।

असम में सरकार कौन बना सकता है?

असम में कितना वोट शेयर?

एबीपी न्यूज सी वोटर के ओपिनियन पोल के मुताबिक, असम में बीजेपी को 42% वोट दिख रहे हैं। वहीं कांग्रेस गठबंधन को 31% वोट मिल सकते हैं। असम में, 27 प्रतिशत वोट दूसरों के खाते में जा सकते हैं।

असम में कितनी सीटें?

एबीपी न्यूज सी वोटर के ओपिनियन पोल के मुताबिक, बीजेपी असम में सत्ता में गठबंधन की वापसी को खारिज नहीं कर सकती। आंकड़ों के मुताबिक, 68-76 सीटें बीजेपी + के खाते में जा सकती हैं। वहीं, कांग्रेस गठबंधन को केवल 43-51 सीटों से संतोष करना पड़ सकता है। वहीं, सर्वे में 27% वोट पाने वाले अन्य लोगों की हिस्सेदारी 5-10 सीटों की हो सकती है। असम में विधानसभा के लिए 126 और सदन में बहुमत के लिए 64 सीटें हैं।

असम में सीएम की पहली पसंद कौन?

एबीपी न्यूज और सी वोटर्स के सर्वे के मुताबिक, असम के लोग एक बार फिर मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल को मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं। सर्वेक्षण में शामिल 44% लोगों ने सर्बानंद सोनोवाल को सीएम के लिए अपनी पहली पसंद बताया। दूसरे स्थान पर पूर्व सीएम तरुण गोगोई और कांग्रेस नेता गौरव गोगोई के बेटे हैं। सर्वेक्षण में शामिल 26% लोगों ने कहा कि गौरव गोगोई सीएम पद के लिए पहली पसंद थे। तीसरे राज्य के वित्त मंत्री हेमंत विश्व शर्मा हैं, 15% लोगों ने उन्हें मुख्यमंत्री पद के लिए पहली पसंद के रूप में चुना।

केरल में सरकार कौन बना सकता है?

किसके पास कितना प्रतिशत वोट?

एबीपी न्यूज सी-वोटर ओपिनियन पोल में सीपीआई (एम) के नेतृत्व वाले लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) को 40 फीसदी वोट मिले, जबकि कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) को 33 फीसदी वोट मिले। रहा है। जबकि बीजेपी को 13 प्रतिशत और अन्य को 15 प्रतिशत मिलने की संभावना है।

कितनी सीटें?

सीटों के संदर्भ में, जनमत सर्वेक्षण कहता है कि इस बार एलडीएफ को 83-91 सीटें मिल सकती हैं और यूडीएफ को 47-55 सीटों के लिए समझौता करना पड़ सकता है। जबकि बीजेपी को केवल 0-2 सीटें मिलती दिख रही हैं। अन्य को भी 0-2 सीटें मिलती दिख रही हैं।

सीएम पद के लिए पहली पसंद कौन?

ओपन पोल में यह भी सवाल किया गया था कि सीएम के रूप में राज्य में लोग किसको सबसे ज्यादा पसंद करते हैं। इस सवाल पर, 38.5 प्रतिशत लोगों ने पिनाराई विजयन को सीएम के रूप में अपनी पहली पसंद बताया। जबकि 27 प्रतिशत लोगों ने कांग्रेस के ओमान चांडी को अपनी पहली पसंद घोषित किया।

पुडुचेरी में किसकी सरकार बन सकती है?

कितने प्रतिशत वोट

पुडुचेरी में वोट प्रतिशत के बारे में बात करते हुए, जनमत सर्वेक्षण में यह सामने आया है कि भाजपा + यानी एनडीए को 46 प्रतिशत वोट मिलने की संभावना है। वहीं, कांग्रेस + को 36 प्रतिशत वोट मिल सकते हैं। इसके अलावा, अन्य को 18 प्रतिशत वोट मिलने की संभावना है।

किसको कितनी सीटें

जनमत सर्वेक्षण के अनुसार, भाजपा + को 17 से 21 सीटें मिलने का अनुमान है। वहीं, कांग्रेस गठबंधन को 8 से 12 सीटें मिल सकती हैं। इसके अलावा, अन्य को 1 से 3 सीटें मिलने की संभावना है। ओपिनियन पोल के मुताबिक राज्य में एनडीए की जीत दिख रही है।

ओपिनियन पोल में तमिलनाडु को कौन हरा रहा है?

तमिलनाडु में कितना वोट शेयर?

एबीपी न्यूज सी वोटर के एक ओपिनियन पोल के मुताबिक, तमिलनाडु में AIADMK + को 29 प्रतिशत वोट मिल रहे हैं, जबकि DMK गठबंधन को लगभग 41 प्रतिशत वोट मिलने की संभावना है। अन्य को लगभग 30 प्रतिशत वोट मिल सकते हैं।

तमिलनाडु में कितनी सीटें

एबीपी न्यूज सी वोटर के एक जनमत सर्वेक्षण के अनुसार, तमिलनाडु में AIADMK गठबंधन को 58-66 सीटें मिलने का अनुमान है। इसलिए द्रमुक गठबंधन सत्ता में लौटता दिखाई दे रहा है। यहां डीएमके गठबंधन को 154-162 सीटें मिल सकती हैं। अन्य के खाते में 8 सीटें आने की संभावना है।

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