DRDO और टाटा संस के साथ मिलकर सरकारी अस्पतालों के लिए करेगी काम, खत्म होगी ऑक्सीजन की किल्लत

0

देश के रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) और टाटा संस संयुक्त रूप से देश के बड़े सरकारी अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी को दूर करने के लिए पहल करेंगे। केंद्र सरकार से प्राप्त आदेश के बाद, दोनों संगठन एम्स, एनआईसी झज्जर, राम मनोहर लोहिया अस्पताल और अन्य सरकारी अस्पतालों में ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्र स्थापित करेंगे। जो प्रति मिनट 1000 लीटर ऑक्सीजन का उत्पादन करेगा।

हाल ही में, नई दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय बैठक में यह निर्णय लिया गया। इस बैठक में विभिन्न केंद्रीय सरकारी अस्पतालों में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में ऑक्सीजन की उपलब्धता की स्थिति की समीक्षा की गई। इसके बाद ऑक्सीजन की कमी को दूर करने के लिए स्थायी समाधान किया गया।

आपको बता दें कि अब तक टाटा संस अपने स्तर से देश में हर दिन 600 टन तरल मेडिकल ऑक्सीजन की आपूर्ति कर रहा है। इसके लिए, टाटा समूह सिंगापुर से 24 क्रायोजेनिक सिलेंडर भी आयात कर रहा है। लेकिन अब टाटा समूह ऑक्सीजन की कमी का स्थायी समाधान खोजने की पहल कर रहा है। इसके लिए, टाटा समूह के विशेषज्ञों की टीम इस परियोजना के लिए योगदान देगी ताकि ऑक्सीजन की कमी के कारण किसी भी मरीज की मौ-त न हो।

इसके अलावा, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने सभी राज्यों में COVID-19 के रोगियों की संख्या में वृद्धि की स्थिति, आईसीयू बेड सहित आवश्यक दवाओं की भी समीक्षा की। उम्मीद है कि देश के सभी बड़े अस्पतालों में ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट बनाए जाएंगे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here